अपनी अर्जी अपने चुने हुए मंदिर में भेजें
पवित्र मंदिरो / तीर्थ स्थलों पर अपनी प्रार्थना और मनोकामना भेजे। जो बातें प्रभु से करना चाहते हो पर कर नहीं पाए, मंदिर जाकर भी मन की पूरी बात ठीक से कह नहीं पाए, उन बातों को कहिये अर्जी के माध्यम से।
देखिए कैसे अर्जी के माध्यम से देश भर के भक्तों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
अर्जी क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों है?
कई सनातनी भक्त अपने इष्ट के मंदिर जाना चाहते हैं पर जा नहीं पा रहे है क्युकी अभी बुलावा नहीं आया है। कई बार श्रद्धालु मंदिर जाकर भी अपने मन की पूरी बात भगवान से ठीक से कह नहीं पाते है और बार बार जाना संभव नहीं होता है। दिव्य कृपा अर्जी प्लेटफार्म का उद्देश्य ऐसे करोड़ो भक्तो के मन की बातो को पूरी आस्था और भावना के साथ सीधे उनके इष्ट देवी / देवता के दरबार तक पहुँचाना है। अर्जी के माध्यम से भक्त अपनी किसी भी मनोकामना को निसंकोच अपने प्रभु के सामने रखते है और मनोकामना पूर्ति हेतु भगवान को विशेष आग्रह करते है।
अर्जी डैशबोर्ड देखें
आपके द्वारा लगाई गयी अर्जी की प्रगति, वर्तमान स्थिति और मंदिर में समर्पण की पुष्टि जानने और आधिकारिक रसीदें डाउनलोड करने के लिए डैशबोर्ड पर जाये।
डैशबोर्ड पर जाएँअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिव्य कृपा अर्जी प्लेटफॉर्म क्या है?
यह एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है जो भक्तों को भारत भर के विभिन्न मंदिरों में अपने चुने हुए देवता को अपनी पवित्र अर्जियां (Arjis) लिखने और भेजने की सुविधा देता है। अर्जियों को प्रिंट किया जाता है और मंदिर में जमा करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ले जाया जाता है।
इस प्रक्रिया का प्रबंधन कौन करता है?
इस प्रक्रिया का प्रबंधन 'दिव्य कृपा' द्वारा किया जाता है, जो सनातन भक्तों को दिव्यता से जोड़ने के लिए समर्पित एक प्लेटफ़ॉर्म है।
क्या आप आधिकारिक तौर पर मंदिरों से जुड़े हैं?
हम जिन मंदिरों का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनसे आधिकारिक तौर पर जुड़े हुए है अथवा जुड़ने का प्रयास करते हैं। आधिकारिक जुड़ाव न होने की स्थिति में, हम भक्तों और सनातन के कार्य के लिए स्वतंत्र सुविधा प्रदाता के रूप में कार्य करते हैं। हम संबंधित मंदिरों में विश्वसनीय पुजारियों/ प्रतिनिधियों के माध्यम से आपकी अर्जियां पहुंचाते हैं।
क्या यह एक धर्मार्थ (चैरिटेबल) संस्था है?
हम एक प्रक्रिया को सक्षम करने वाला प्लेटफ़ॉर्म हैं। तकनीक के माध्यम से निर्बाध सेवाएं प्रदान करने, आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने और साथ ही लॉजिस्टिक्स, प्रिंटिंग और मंदिर में अर्जी चढ़ाने की व्यवस्था करने के लिए भक्तों से एक मामूली सहयोग राशि ली जाती है।
